भजन कीर्तन - मेरे लाडले कन्हैया मेरे साँवरे कन्हैया

मेरे लाडले कन्हैया मेरे साँवरे कन्हैया
मेरी ज़िन्दगी तो है बस तेरे आसरे कन्हैया

 तेरी मूरती निहारूँ तेरी आरती उतारूँ
तेरी याद जब सताये तो बता किसे पुकारूँ
तू ही तू बसा है मन में मेरे बावरे कन्हैया
 
तेरे पीछे पीछे आए तेरे गीतों को ही गाए
तेरी छब को जो निहारे उसे कुछ भी ना सुहाए
तेरा जादू है ही ऐसा कोई क्या करे कन्हैया
 
न तो छल छुपा है इसमें न ही बिस भरा है इसमें
जो हमारे दरमियाँ था वो ही सब लिखा है इसमें
कभी मेरे मन की पाती भी तो बाँच रे कन्हैया

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