जहाँ भी जाएँगे
श्री राम जी के गीत गायेंगे
प्रभू का नाम हो जिसमें वही धुन गुनगुनायेंगे
प्रभू का नाम हो जिसमें वही धुन गुनगुनायेंगे
अरे मन चल अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं
अयोध्या जा के चल सरयू नदी में स्नान करते हैं
प्रभू के धाम जायेंगे तभी आराम पायेंगे
वचन को पालने वाले प्रभू टारे न टरते हैं
दुखों के ढेर पै बैठे सुखों का दान करते हैं
तेरी नैया को प्यारे पार बस वो ही लगायेंगे
सभी का ख्याल रखते हैं सभी के कष्ट हरते हैं
हमें विश्वास है सबका भला भगवान करते हैं
प्रभू की साँवली मूरत को नयनों में सजायेंगे
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