मेरे
लाडले कन्हैया मेरे साँवरे कन्हैया
मेरी
ज़िन्दगी तो है बस तेरे आसरे कन्हैया
|
दोहा 1 |
कृष्ण जन्म के पर्व पर,
यमुना ललित ललाम । राधे से मिलने चलीं, श्री बरसाने धाम ।। |
|
दोहा 2 |
सब सब के आधीन हैं,
फिर भी भेद महीन । कोई जल बिनु मीन है, कोई जल, बिनु मीन ।। |