भजन कीर्तन - प्राणों से प्यारे आँखों के तारे तुम्हीं तो हो

 प्राणों से प्यारे आँखों के तारे तुम्हीं तो हो ।
अम्बर में जगमगाते सितारे तुम्हीं तो हो ।
राजाओं के भी राज-दुलारे तुम्हीं तो हो ।
हम हैं तुम्हारे और हमारे तुम्हीं तो हो ।।
 
तरुवर तमाल ताल तरंगों के रूप में ।
कालिन्दी कूल कुंज निकुंजों के रूप में ।
नयनों में नृत्य करते नज़ारे तुम्हीं तो हो ।।
हम हैं तुम्हारे और हमारे तुम्हीं तो हो ।।
 
तुम ही नगर-नगर होतुम्हीं हो डगर-डगर ।
तुम ही नज़र-नज़र हो तुम्हीं हो सफ़र-सफ़र ।
भटके मुसाफ़िरों के सहारे तुम्हीं तो हो ।।
हम हैं तुम्हारे और हमारे तुम्हीं तो हो ।।
 
करुणानिधान तुम हो अगोचर अगम अपार ।
मिलता है तुमसे मिलके तुफ़ानों को भी करार ।
सातों समुन्दरों के किनारे तुम्हीं तो हो ।।
हम हैं तुम्हारे और हमारे तुम्हीं तो हो ।।

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