गणपति , सरस्वती एवं गुरू वन्दना

 गणपति वन्दना

 

वन्दे विनायकविधि-विधायकऋद्धि-सिद्धि प्रदायकम् 

गजकर्णलम्बोदरगजाननवक्रतुण्डसुनायकम् 

श्री एकदन्तविकटउमासुतभालचन्द्र भजामिहम 

विघ्नेशसुख-लाभेशगणपतिश्री गणेश नमामिहम ।।

 

सरस्वती वन्दना

 

पद्मासनासीनाप्रवीणामातुवीणा-वादिनी ।

स्वर-शब्द-लय-सरगम-समेकितशुद्ध-शास्वत-रागिनी ।

संस्कारसंस्कृति तत्व वर्धक शुद्ध-बुद्धि प्रदायिनी ।

शत-शत नमन रसवर्धिनी माँ शारदे वरदायिनी ।।

 

गुरुदेव वन्दना

 

निर्झर सदृश निर्मल सरल मनभूमि-सम भवितव्यता 

नीलाम्बरैव सघनविपुलतमवायु सम गतिशीलता 

पावक सदृश नित शिष्य मण्डल बुद्धि कंचन शोधनं ।

गुरुदेव एकल तत्व मध्ये पंचतत्व सुशोभनं ।।

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