भजन कीर्तन - जिसे मालूम हो मुझको बताये कौन ऐसा है

जिसे मालूम हो मुझको बताये कौन ऐसा है ।
मेरा मुरली मनोहर साँवरा नँदलाल जैसा है ।।
 
जिसे भी छू लिया इसने उसे कुन्दन बना डाला ।
मेरा मुरली मनोहर साँवरा पारस के जैसा है ।।
 
न इसका गेंहुआ रँग है न गोरा है न कजरारा ।
मेरा दिलदार मतवाला दमकते स्वर्ण जैसा है ।।
 
वो सूरज है मगर सूरज के जैसे तप नहीं सकता ।
वो ऊषाकाल जैसा है सुहानी शाम जैसा है ।।
 
नजर ने जबसे पहना है इसे सबकी नजर में हूँ ।
मैं तुमको क्या बताऊँ कृष्ण कोहेनूर जैसा है ।।

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