नन्द जू के लला धन्य हो गए हैं हम ।
तुझको मन में बसा धन्य हो गए
हैं हम ।।
अबसे पहले हॄदय इतना पुलकित
न था ।
जबसे तू है मिला धन्य हो गए हैं हम ।।
तेरे ही ध्यान में हैं मगन
हर घड़ी ।
नाम जप के तेरा धन्य हो गए हैं हम ।।
गाना आता नहीं हमको फिर भी
किशन ।
तेरे गीतों को गा धन्य हो गए हैं हम ।।
तेरे घुँघराले बालों पै
बलिहार हैं ।
तुझसे अँखियाँ लड़ा धन्य हो गए हैं हम ।।
जबसे तू है मिला धन्य हो गए हैं हम ।।
नाम जप के तेरा धन्य हो गए हैं हम ।।
तेरे गीतों को गा धन्य हो गए हैं हम ।।
तुझसे अँखियाँ लड़ा धन्य हो गए हैं हम ।।
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