होली रसिया – मटुकी पै नजर मत डार

मटुकी पै नजर मत डार
सँवरिया कंकरिया मत मार
नहीं रोकें रुकैगी रसधार
सँवरिया कंकरिया मत मार
 
मैं हूँ गुजरिया भोरी-भारी
मो सी न कोई दूजी नारी
और तू है उजड्ड लबार
सँवरिया कंकरिया मत मार
 
गैल-गिरारें नैन लड़ावै
काहू की तोय लाज न आवै
मेरे पीछें है आँख हजार
सँवरिया कंकरिया मत मार
 
दुख मोय देख कें रस्ता भूलै
सुख मेरे आँगन झूला झूलै
मेरे मन में वसंत-बहार

सँवरिया कंकरिया मत मार

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