भजन कीर्तन - मुरली सुना के श्याम ने मस्ताना कर दिया

 मुरली सुना के श्याम ने मस्ताना कर दिया
ऐसे नजर मिलाई कि दीवाना कर दिया
 
दिल की ये आरजू थी कि दिल में वही रहे
अपना बना के औरों से बेगाना कर दिया
 
बस ये कहा था जनमों से प्यासा हूँ मैं किशन
प्रीतम ने पेश प्रीत का नजराना कर दिया
 
माँगा था एक क़तरा ही मैंने हुजूर से
मनसूब मेरे नाम से मैखाना कर दिया

No comments:

Post a Comment